रीवा में सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी का मामला सामने आया है। तहसील और कलेक्ट्रेट में सुबह 10:45 बजे तक कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फरियादी इंतजार करते रहे जबकि कई कमरों में ताले लटके रहे।
देवास तहसील कार्यालय में उज्जैन EOW टीम ने अपर तहसीलदार हर्षल बहरानी को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। किसान से तीन भूमि मामलों के निपटारे के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी।
रीवा लोकायुक्त संगठन की टीम ने रामपुर बाघेलान तहसील के बाबू उपेन्द्र पांडेय को शिकायतकर्ता से 500 रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा। आरोपी अब तक तीन पेशियों में 1500 रुपए ले चुका था और चौथी पेशी के लिए भी 500 रुपए मांग रहा था। इस साल लोकायुक्त रीवा ने 18 शासकीय कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा है।
कोठी नगर परिषद का हाल यह है कि गंदगी की नदियां सीधे तहसील कार्यालय तक बह रही हैं। नालियां वर्षों से साफ नहीं हुईं, सड़कें गंदे पानी में डूबी हैं और स्वच्छता अभियान सिर्फ दीवारों पर लिखे नारों तक सिमट गया है। नगर परिषद का ब्रांड एंबेसडर बनाने के बाद भी हालात जस के तस हैं। जनता में आक्रोश है और अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।
















